नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को नोएडा विधानसभा क्षेत्र में बड़ा संगठनात्मक संदेश मिला है। बसपा के पूर्व प्रत्याशी और स्थानीय चेहरा कृपाराम शर्मा मंगलवार को कांग्रेस में दोबारा शामिल हो गए। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा और नेतृत्व में विश्वास जताते हुए पार्टी का दामन थामा। 2022 के विधानसभा चुनाव में कृपाराम शर्मा नोएडा सीट से बसपा के टिकट पर लड़े थे। उस चुनाव में वे भाजपा और समाजवादी पार्टी के बाद तीसरे स्थान पर रहे थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी पंखुड़ी पाठक चौथे स्थान पर थीं।
कभी नोएडा महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष व मजबूत चेहरे रहे कृपाराम शर्मा की चार साल बाद उनकी कांग्रेस में वापसी को पार्टी कार्यकर्ता न सिर्फ व्यक्तिगत जुड़ाव, बल्कि आगामी चुनाव की तैयारी का संकेत मान रहे हैं। इस
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, अखिल भारतीय अल्पसंख्यक कांग्रेस राष्ट्रीय चेयरमैन एवं सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, वरिष्ठ नेता दिनेश अवाना, नोएडा महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शाहबुद्दीन, पंडित प्रमोद शर्मा, युवा कांग्रेस गौतमबुद्धनगर जिला महासचिव श्याम सुंदर दीक्षित समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक नेता का पार्टी बदलना नहीं है। संविधान, सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और भाईचारे की राजनीति को मजबूत करने की दिशा में यह कदम है। पार्टी का दावा है कि नफरत के बजाय मोहब्बत और विभाजन के बजाय एकता का संदेश देने वाला यह कारवां अब और मजबूत होगा।
सियासी हलकों में चर्चा है कि कृपाराम शर्मा जैसे स्थानीय और जमीनी चेहरे की वापसी से नोएडा-गौतमबुद्धनगर में कांग्रेस का संगठन थोड़ा ठोस दिख सकता है। कुछ नेताओं का अनुमान है कि अगर यह सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में और नेता भी घर वापसी कर सकते हैं। हालांकि यह अभी संभावना का स्तर है, पुष्टि बाकी है।
कांग्रेस परिवार ने कृपाराम शर्मा का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी अब अन्याय के खिलाफ न्याय की लड़ाई और अधिक मजबूती से लड़ेगी। यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच यह घटना कांग्रेस के लिए छोटे लेकिन प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखी जा रही है।
