नोएडा बोर्ड बैठक: किसानों के मुआवजे में 53 प्रतिशत बढ़ोतरी, सिटी मेंटेनेंस के लिए कॉरपस फंड मंजूर, पुलिस कमिश्नर कार्यालय के लिए भूखंड मंजूर

नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक शनिवार को सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन में हुई। बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त तथा नोएडा अध्यक्ष  दीपक कुमार ने की। इसमें नोएडा सीईओ कृष्ण करुणेश, ग्रेटर नोएडा सीईओ एन.जी. रवि, यीडा के अपर सीईओ शैलेन्द्र भाटिया और बोर्ड के अन्य सदस्य शामिल हुए। बैठक में किसानों के मुआवजे से लेकर शहर के लंबे रखरखाव तक कई बड़े फैसले लिए गए।
सबसे अहम निर्णय भूमि मुआवजे का रहा। आपसी समझौते से खरीदी जाने वाली जमीन का मुआवजा अब 6,459 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है। इसके साथ 5 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड भी मिलेगा। पहले दर 5,324 रुपये प्रति वर्गमीटर (आबादी भूखंड के बिना) और 4,224 रुपये प्रति वर्गमीटर (आबादी भूखंड सहित) थी। इस तरह मुआवजे में करीब 53 प्रतिशत की एकमुश्त बढ़ोतरी हुई है। बोर्ड का कहना है कि किसानों को सिर्फ जमीन की कीमत नहीं, बल्कि शहर के विकास में हिस्सेदारी भी मिलनी चाहिए। डीएनजीआईआर (न्यू नोएडा) के फेस-1 और 2 में मुआवजा तथा 6 प्रतिशत आबादी भूखंड ग्रेटर नोएडा के अनुरूप होगा। फेस-3 और 4 में मुआवजा और 7 प्रतिशत आबादी भूखंड यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के अनुरूप रहेगा।
दूसरा बड़ा फैसला शहर की दीर्घकालीन नागरिक सेवाओं के लिए ‘वन-टाइम लीज रेंट कॉरपस फंड’ बनाने का है। एकमुश्त भू-भाटक से आने वाली गैर-आवर्ती आय का हिसाब, निवेश, उपयोग और निगरानी तय प्रक्रिया से होगी। इसका मकसद जलापूर्ति, सफाई, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सड़कों-पार्कों का रखरखाव भविष्य में भी बिना रुकावट चलता रहे।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की 31 अगस्त तक की वित्तीय और भौतिक प्रगति की समीक्षा हुई। बोर्ड ने विभागों को लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।पुरानी रुकी हुई रियल एस्टेट परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। 21 दिसंबर 2023 के शासनादेश के तहत 23 आवंटियों को शेष 75 प्रतिशत राशि जमा करने के नोटिस जारी किए गए हैं। अब तक 36 परियोजनाओं से 540.75 करोड़ रुपये और आंशिक भुगतान मिलाकर कुल 561.35 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। बोर्ड ने वसूली तेज करने और फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री जल्द कराने को कहा।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक इकाइयों के लिए एक जैसी नीति बनाने हेतु समिति गठित करने का प्रस्ताव मंजूर हुआ। अंतरण शुल्क, इकाई शुरू करने की समयसीमा और अन्य शुल्क समान किए जाएंगे।
गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्त कार्यालय के लिए सेक्टर-153 में करीब 13,347 वर्गमीटर भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया।कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए सेक्टर-145 में 100 टन प्रतिदिन क्षमता की वेस्ट-टू-एनर्जी एवं रिसोर्स रिकवरी सुविधा लगाने को मंजूरी मिली। एजेंसी का चयन निविदा से होगा।
मध्य-पूर्व में तनाव के कारण बिटुमिन महंगा होने से सड़क निर्माण की दरें दोबारा तय करने और मूल्य समायोजन का फैसला हुआ, ताकि मानसून के बाद सड़क काम समय पर शुरू हो सकें।सेक्टर-8 की करीब 8 एकड़ नर्सरी को बनाओ-चलाओ-रखरखाव मॉडल पर आधुनिक बनाने का निर्णय लिया गया।
सहकारी आवासीय समितियों के फ्लैटों में रह रहे मौजूदा कब्जेदारों के लिए त्रिपक्षीय उप-पट्टा पंजीकृत करने की नीति भी मंजूर की गई। इससे वैध कब्जेदारों को संपत्ति के कागजात मिलेंगे और स्टांप ड्यूटी सुनिश्चित होगी।प्राधिकरण का कहना है कि इन फैसलों से किसानों को बेहतर मुआवजा मिलेगा, लंबित आवासीय मामले सुलझेंगे और शहर का रखरखाव लंबे समय तक सुचारू रहेगा।

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