- आवासीय प्लॉट्स (Residential Plots): औसतन ₹25,900 से ₹35,000 प्रति वर्ग मीटर (पुरानी दरों पर आधारित) → नई दरें लगभग 3.58% अधिक, यानी ₹26,800 से ₹36,250 प्रति वर्ग मीटर तक (सेक्टर के अनुसार भिन्न)। जेवर एयरपोर्ट के निकट सेक्टरों (जैसे 15C, 18, 24A) में उच्च दरें संभावित।
- औद्योगिक प्लॉट्स (Industrial Plots): Phase-II क्षेत्रों में ₹10,000 से ₹13,000 प्रति वर्ग मीटर → नई दरें ₹10,358 से ₹13,465 प्रति वर्ग मीटर तक।
- वाणिज्यिक/कॉमर्शियल प्लॉट्स (Commercial): उच्च विकास वाले क्षेत्रों में पहले से अधिक दरें, अब 3.58% अतिरिक्त वृद्धि के साथ।
- संस्थागत भूमि (Institutional Land): शिक्षा/अन्य उपयोग के लिए ₹9,000 से ₹11,000 प्रति वर्ग मीटर → नई दरें ₹9,322 से ₹11,394 प्रति वर्ग मीटर तक।
यह बढ़ोतरी क्षेत्र में निवेशकों के लिए अभी भी आकर्षक बनी रहेगी, क्योंकि जेवर एयरपोर्ट के संचालन से प्रॉपर्टी वैल्यू में भविष्य में बड़ी उछाल की उम्मीद है।
- अनुमानित आय (Revenue): लगभग 11,830 करोड़ रुपये
- अनुमानित व्यय (Expenditure): लगभग 11,811 करोड़ रुपये
बजट में मुख्य फोकस:
- भूमि अधिग्रहण पर भारी निवेश (कई गांवों में किसानों से अतिरिक्त भूमि लेने की प्रक्रिया तेज)
- औद्योगिक विकास और बड़े निवेशकों को आकर्षित करने वाली परियोजनाएं
- संस्थागत परियोजनाएं (स्कूल, अस्पताल, ट्रेनिंग सेंटर आदि)
- इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण – सड़कें, यूटिलिटी, जल निकासी, बिजली आदि को मजबूत करना
यह बजट यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को और मजबूत बनाएगा, निवेश आकर्षण बढ़ाएगा, और रोजगार सृजन में योगदान देगा।अन्य प्रमुख फैसले
- जेवर अर्बन सेंटर परियोजनाओं को गति: बोर्ड ने जेवर क्षेत्र में विकसित हो रहे अर्बन सेंटर को तेज करने के सख्त निर्देश दिए। सभी विभागों को समयबद्ध लक्ष्य पूरे करने और संसाधन उपलब्ध कराने को कहा गया।
- ट्रैफिक पार्क एवं ट्रेनिंग सेंटर की मंजूरी: जेवर में ट्रैफिक पार्क और ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की योजना को हरी झंडी। यह केंद्र सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और जागरूकता पर फोकस करेगा। परियोजना होंडा इंडिया फाउंडेशन के CSR फंड से विकसित होगी, लेकिन स्वामित्व YEIDA के पास रहेगा। संचालन के लिए उपयुक्त PPP मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सीईओ आर.के. सिंह, एडिशनल सीईओ शैलेन्द्र भाटिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। ये फैसले यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में निवेश, औद्योगिक विकास, शहरी नियोजन और रियल एस्टेट को नई गति प्रदान करेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि सीमित दर वृद्धि और बड़े बजट से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बनेगा, जबकि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ेंगी।
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