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पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल: नोएडा के युवा शक्ति घाट पर यमुना महाआरती ने जगाई स्वच्छता की चेतना

नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
देव दीपावली के पावन पर्व पर यमुना नदी के तट को रोशनी और भक्ति से नहलाते हुए नोएडा में एक अनुपम पर्यावरणीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। युवा शक्ति घाट, सेक्टर-94 पर वाईएसएस फाउंडेशन (YSS Foundation) और भारत विकास परिषद (Bharat Vikas Parishad), नोएडा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘यमुना महाआरती एवं दीपोत्सव 2025’ ने न केवल नदी के पुनरुद्धार का संदेश दिया, बल्कि समुदाय को स्वच्छता और संरक्षण के प्रति प्रेरित भी किया।
यह आयोजन ‘नमामि गंगे’ अभियान के मार्गदर्शन में हुआ, जिसमें सैकड़ों स्वयंसेवकों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यमुना नदी की स्वच्छता, पवित्रता और सांस्कृतिक महत्व को पुनर्जीवित करना था। छठ पूजा के बाद घाट पर बिखरी अव्यवस्था को दूर करने के लिए दो दिवसीय विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग किया।
शाम ढलते ही तट पर सजाए गए हजारों दीपों ने यमुना को दिव्य प्रकाश से आलोकित कर दिया। मंत्रोच्चार, शंखनाद और सामूहिक महाआरती के बीच सभी ने ‘स्वच्छ यमुना, हरित भारत’ का संकल्प लिया।सहयोगी संगठनों की भूमिकाइस भव्य आयोजन को सफल बनाने में वाईएसएस फाउंडेशन के अलावा कई संगठनों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया:

  • भारत विकास परिषद, नोएडा: स्वच्छता अभियान का नेतृत्व और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन।
  • नमामि गंगे अभियान: तकनीकी मार्गदर्शन और जल संरक्षण विशेषज्ञों की टीम।
  • यमुना सेवक परिवार: स्थानीय स्तर पर जागरूकता और स्वयंसेवक जुटाने में सहायता।
  • नोएडा प्राधिकरण: घाट की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग।
  • स्थानीय नागरिक समाज संगठन: जैसे रोटरी क्लब नोएडा और पर्यावरण मित्र समूह, जिन्होंने दीपोत्सव सामग्री और वितरण में मदद की।

वाईएसएस फाउंडेशन के पिछले चार वर्षों के ‘स्वच्छ यमुना मिशन’ के तहत 230 से अधिक सफाई अभियान चलाए जा चुके हैं, जो इस कार्यक्रम की पृष्ठभूमि बने।

प्रमुख अतिथि और सहभागी
महाआरती में वाईएसएस फाउंडेशन के अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने केंद्रीय भूमिका निभाई। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और कहा, “यमुना हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। आज के इस संकल्प से हम नदी को स्वच्छ और जीवंत बनाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़े हैं।” सचिन गुप्ता के नेतृत्व में युवा स्वयंसेवकों की टीम ने पूरे आयोजन को निर्देशित किया।कार्यक्रम में शामिल अन्य प्रमुख व्यक्ति निम्नलिखित थे:

  • इंदु प्रकाश (वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, नोएडा प्राधिकरण): महाआरती में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित, जिन्होंने कहा, “यमुना का संरक्षण हर नागरिक का कर्तव्य है। यह कार्यक्रम आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है।”
  • प्रमोद कुमार श्रीवास्तव (पूर्व वन अधिकारी, DFO): पर्यावरण संरक्षण पर विशेष व्याख्यान दिया और पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया।
  • रंजन तोमर (नोवरा अध्यक्ष): जल प्रबंधन पर सुझाव दिए और स्वच्छता शपथ दिलाई।
  • देवेंद्र गंगल (अध्यक्ष, भारत विकास परिषद, नोएडा): स्वागत भाषण और संकल्प उद्घोष।
  • राम रतन शर्मा (सचिव, भारत विकास परिषद): कार्यक्रम समन्वय।
  • सत्य नारायण गोयल (पर्यावरण संयोजक): शपथ पत्र वितरण और जैविक सफाई तकनीकों का प्रदर्शन।
  • एन.के. अग्रवाल (संरक्षक, युवा शक्ति): प्रेरणादायक संदेश।
  • दुर्गा प्रसाद दुबे (संयोजक, वाईएसएस फाउंडेशन): स्वयंसेवक प्रबंधन।
  • दिनेश कुमार (पर्यावरण प्रमुख): बायो-एंजाइम सफाई का प्रदर्शन।
  • अंकुर शर्मा (कार्यक्रम प्रभारी): मंच संचालन।
  • अन्य कार्यकारिणी सदस्य: संजय गुप्ता, ललित सिंघल, ब्रिज मोहन अग्रवाल, प्रताप मेहता, राजीव अग्रवाल, डी.के. मित्तल – सभी ने महाआरती और दीपदान में सक्रिय भागीदारी की।
  • कीर्ति और विक्रम सेठी (वाईएसएस टीम सदस्य): युवा स्वयंसेवकों का नेतृत्व।
सैकड़ों स्थानीय श्रद्धालु, विद्यार्थी और परिवार भी उपस्थित रहे, जिन्होंने दीपदान कर पर्यावरण संतुलन की शपथ ली।पर्यावरणीय प्रभाव और भविष्य की योजनाएंयह आयोजन न केवल धार्मिक था, बल्कि पर्यावरण-केंद्रित भी। जैविक सफाई विधियों से घाट का पानी अस्थायी रूप से निर्मल हुआ, और 5,000 पेड़ लगाने का संकल्प लिया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे सामुदायिक प्रयास यमुना के प्रदूषण को 20% तक कम कर सकते हैं।
वाईएसएस फाउंडेशन ने घोषणा की कि 2026 में ‘कार्तिक पूर्णिमा महाआरती’ को और विस्तार दिया जाएगा, जिसमें 10 घाटों पर समानांतर कार्यक्रम होंगे।पर्यावरणविदों का मानना है कि ऐसी पहलें नदी संरक्षण में मील का पत्थर साबित होंगी। कार्यक्रम का समापन ‘हरित भारत – स्वच्छ यमुना’ के उद्घोष के साथ हुआ, जो नोएडा की पर्यावरण चेतना को नई ऊंचाइयों पर ले गया।

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