नई दिल्ली/मेरठ, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आम जनता को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के लिए पिछले 50 वर्षों से चली आ रही हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना की मांग को लेकर मेरठ बार एसोसिएशन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से भेंट की। वार्ता पूरी तरह सकारात्मक रही और उम्मीद जगाई है कि इस लंबे समय से लंबित मांग पर जल्द सकारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा (चेयरमैन, हाई कोर्ट बेंच स्थापना केन्द्रीय संघर्ष समिति, पश्चिमी उत्तर प्रदेश) और महामंत्री राजेन्द्र सिंह राणा (संयोजक, हाई कोर्ट बेंच स्थापना केन्द्रीय संघर्ष समिति, पश्चिमी उत्तर प्रदेश) ने किया। प्रतिनिधिमंडल में शामिल अन्य प्रमुख सदस्य थे—वरिष्ठ अधिवक्ता श्री जितेन्द्र मोहन शर्मा (उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली), मेरठ बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री अनुज कुमार शर्मा, महामंत्री श्री परवेज आलम तथा अधिवक्ता अक्षत शर्मा।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य न्यायाधीश को अवगत कराया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट (प्रयागराज) की दूरी के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 20 से अधिक जिलों के लाखों लोग न्यायिक प्रक्रिया में भारी असुविधा झेलते हैं। यात्रा की दूरी, समय और खर्च के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोग उच्च न्यायालय तक पहुंच नहीं पाते, जिससे न्याय में विलंब और अन्याय होता है। मांग है कि मेरठ या अन्य उपयुक्त स्थान पर हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित की जाए ताकि क्षेत्रीय न्याय व्यवस्था मजबूत हो और संवैधानिक अधिकारों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।
वार्ता के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यान से सुना और मांग की वैधता को समझा। बैठक सकारात्मक माहौल में सम्पन्न हुई, जिससे अधिवक्ताओं और जनता में इस मुद्दे पर सकारात्मक संकेत मिले हैं।मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय शर्मा ने कहा कि यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम है। विगत 50 वर्षों से चली आ रही यह मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंची है। हम आशान्वित हैं कि मुख्य न्यायाधीश के मार्गदर्शन में जल्द ही इस दिशा में ठोस प्रगति होगी।
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