
-लेबर कोड्स के खिलाफ हड़ताल की तैयारी
गाजियाबाद, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
शहीद रंगकर्मी कॉमरेड सफदर हाशमी और राम बहादुर की 37वीं शहादत दिवस पर गुरुवार को गाजियाबाद के साइट-4 साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र के झंडापुर गांव स्थित डॉ. अंबेडकर पार्क में सीआईटीयू (CITU) और जन नाट्य मंच (जनम) के बैनर तले मजदूरों व कलाकारों का संयुक्त रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया।हजारों की संख्या में मजदूर, किसान और स्थानीय लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत किसान कार्यकर्ता कॉमरेड रतन गंभीर के क्रांतिकारी गीतों से हुई। इसके बाद बरगद का नाटक “कच्ची छत”, जन नाट्य मंच का “फिलिस्तीन के लिए” और अंत में नया नुक्कड़ नाटक “बुलडोजर राज” का मंचन किया गया। “बुलडोजर राज” में बीजेपी सरकारों द्वारा आम लोगों के घरों-झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाने की नीति की कड़ी आलोचना की गई और लाल झंडे के तहत संघर्ष जारी रखने की अपील की गई।जन सभा की अध्यक्षता कॉमरेड राजवीर सिंह ने की।
मुख्य वक्ता पूर्व लोकसभा सदस्य और सीपीआई(एम) पोलिट ब्यूरो सदस्य कॉमरेड मोहम्मद सलीम ने सफदर हाशमी व राम बहादुर की कुर्बानी को मजदूर वर्ग की मुक्ति की लड़ाई में प्रेरणा स्रोत बताया। उन्होंने मोदी सरकार पर साम्प्रदायिकता फैलाने, महंगाई-बेरोजगारी बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों की लूट और पूंजीपतियों के हित में कानून थोपने का आरोप लगाया। सलीम ने किसान आंदोलन की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि मजदूरों के संघर्ष से चारों लेबर कोड्स अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हो सके, लेकिन 21 नवंबर 2025 की अधिसूचना के खिलाफ देशव्यापी मजदूर संगठन बड़ी लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं।
सीटू दिल्ली (एनसीआर) राज्य सचिव कॉमरेड सिद्धेश्वर शुक्ला ने कहा कि एनसीआर के मजदूर पूरी तरह लामबंद हैं और 12 फरवरी 2026 की राष्ट्रीय हड़ताल में लाखों मजदूर शामिल होंगे। राज्य उपाध्यक्ष कॉमरेड बीकेएस चौहान ने गाजियाबाद में सीटू पर हुए हमलों की याद दिलाते हुए कहा कि पूंजीपति-ठेकेदार-पुलिस के गठजोड़ के बावजूद मजदूर संघर्ष जारी रखेंगे और 12 फरवरी को औद्योगिक क्षेत्र में चक्का जाम करेंगे।
जिला महासचिव जीएस तिवारी ने हजारों मजदूरों के सड़क पर उतरने की घोषणा की।सभा को जिलाध्यक्ष वेदपाल नागर, जन नाट्य मंच की सचिव सानिया हाशमी, सीपीआई(एम) की वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद कॉमरेड वृंदा करात, जन नाट्य मंच अध्यक्ष माला हाशमी सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
सभी वक्ताओं ने कॉमरेड सफदर हाशमी और राम बहादुर को श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम में गंगेश्वर दत्त शर्मा, सुधनवा देशपांडे, आशा शर्मा, राजीव कुंवर समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे। यह आयोजन हर साल उसी स्थान पर होता है जहां 1989 में सफदर हाशमी पर जानलेवा हमला हुआ था। इस बार मजदूर अधिकारों और लेबर कोड्स के विरोध में एकजुटता का संदेश प्रमुख रहा।
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