नोएडा मेट्रो रेलवे कॉर्पोरेशन (NMRC) का 2026 कैलेंडर विवादों में घिरा
नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
नोएडा प्राधिकरण और नोएडा मेट्रो रेलवे कॉर्पोरेशन (NMRC) एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह है उनका आधिकारिक 2026 कैलेंडर। सरकारी कैलेंडर में विकास कार्यों, मेट्रो परियोजनाओं और जनसेवा से जुड़ी तस्वीरें छपनी चाहिए थीं, लेकिन इसके बजाय इसमें NMRC के शीर्ष अधिकारियों की निजी तस्वीरें छाप दी गईं, वो भी बिना उनकी पूर्व अनुमति के। यह मामला सामने आते ही बड़ा बवाल खड़ा हो गया।
विवाद की मुख्य बातें:
अप्रैल महीने (जिसमें NMRC के मैनेजिंग डायरेक्टर और नोएडा प्राधिकरण के CEO डॉ. लोकेश एम का जन्मदिन 3 अप्रैल को है) के पेज पर उनकी दो तस्वीरें छपीं। एक में वे सितार बजाते हुए और दूसरी में किसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिख रहे हैं।
जुलाई महीने (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर महेंद्र प्रसाद के जन्मदिन से जुड़ा) के पेज पर भी उनकी दो तस्वीरें छापी गईं।
ये तस्वीरें मेट्रो ट्रेनों के साथ छपी हैं, लेकिन अधिकारियों की व्यक्तिगत फोटोज का इस्तेमाल सरकारी कैलेंडर में बिना सहमति के किया जाना नियमों के खिलाफ माना जा रहा है।
डॉ. लोकेश एम ने स्पष्ट किया कि उनकी तस्वीरें बिना उनकी जानकारी या अनुमति के छापी गईं। उन्होंने तुरंत सख्त कार्रवाई की। महेंद्र प्रसाद को NMRC के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ED) पद से तत्काल हटा दिया गया। उनके स्थान पर के करुणेश को नया इडी बनाया गया है।
कैलेंडर तैयार करने वाले संबंधित स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कैलेंडर की प्रिंटिंग और वितरण पर तुरंत रोक लगा दी गई।
यह कैलेंडर अन्य सरकारी विभागों, मंत्रालयों और संस्थानों को भी भेजा जाना था। NMRC, जो उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन काम करती है और भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार का संयुक्त उपक्रम है, में इस घटना से बड़ा हंगामा मच गया है।
सोशल मीडिया और मीडिया पर प्रतिक्रिया
मामला तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां कई यूजर्स ने इसे “धुरंधर स्टाइल” या व्यक्तिगत प्रचार का मामला बताया। विभिन्न न्यूज रिपोर्ट्स में भी इस विवाद को प्रमुखता से कवर किया गया है।
यह घटना नोएडा प्राधिकरण में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर रही है। फिलहाल कैलेंडर का आगे का वितरण रुका हुआ है और जांच जारी है।
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