नोएडा: युवराज मेहता मौत मामले में SIT जांच के आदेश पर फोनरवा ने किया मुख्यमंत्री योगी की घोषणा का स्वागत

नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (FONRWA) ने नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दुखद मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने के फैसले का स्वागत किया है। संगठन ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की थी, जिस पर योगी सरकार ने तुरंत एक्शन लिया।
FONRWA के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने कहा कि नोएडा यमुना के खादर क्षेत्र में बसा शहर है, जहां मात्र 5 फुट की गहराई पर रेत मिलने लगती है। भूमाफियाओं, बिल्डरों और प्राधिकरण के कथित गठजोड़ से अवैध खनन कर महंगे रेत बेचे जाते हैं, जिससे गहरे गड्ढे छोड़ दिए जाते हैं। ये गड्ढे बरसात या सीवर के पानी से भर जाते हैं और मौत के जाल बन जाते हैं। उन्होंने वर्षों से इन गड्ढों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही जन-सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए तत्काल जांच की आवश्यकता बताई।
महासचिव के.के. जैन ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएं कि सेक्टर-150 सहित पूरे नोएडा में सड़क किनारे मौजूद गड्ढों और जलभराव वाले स्थानों की तत्काल पहचान कर उन्हें सुरक्षित किया जाए। कोहरे और रात के समय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त संकेतक बोर्ड, स्ट्रीट लाइटिंग और बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाए।
घटना की याद दिलाते हुए फोनरवा ने कहा कि 16-17 जनवरी 2026 की रात घने कोहरे में 27 वर्षीय युवराज मेहता की कार निर्माणाधीन साइट के पास 50-70 फुट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गई। युवराज लगभग दो घंटे तक कार की छत पर मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन रेस्क्यू में देरी से उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डूबने से दम घुटना और कार्डियक अरेस्ट को मौत का कारण बताया गया।
फोनरवा ने मुख्यमंत्री से अपील की कि यह घटना प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। संगठन को पूर्ण विश्वास है कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कठोर निर्णय लिए जाएंगे।
मामले में SIT जांच तेज है, जहां नोएडा प्राधिकरण ने 60+ पन्नों की रिपोर्ट सौंपी है। कई बिल्डर गिरफ्तार हो चुके हैं, CEO हटाए गए हैं और NGT ने भी संज्ञान लिया है। फोनरवा जैसे संगठन निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि ‘स्मार्ट सिटी’ नोएडा में ऐसी मौतें न हों।नागरिकों से अपील है कि ऐसी खतरनाक जगहों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि और जानें बचाई जा सकें।

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