नोएडा में सेक्टर 150 की दर्दनाक घटना के बाद जिलाधिकारी ने बुलाई आपदा प्रबंधन समिति की अहम बैठक, नही पहुंचे कई विभागों के अफसर

गौतमबुद्धनगर, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
नोएडा के सेक्टर 150 में हाल ही में घने कोहरे के बीच एक 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार पानी से भरे गहरे गड्ढे (निर्माण स्थल के बेसमेंट पिट) में गिरने से हुई मौत ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया है। इस हादसे में लापरवाही, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बचाव कार्यों में देरी जैसे गंभीर सवाल उठे हैं, जिसके बाद जिलाधिकारी मेधारुपम ने तुरंत आपदा प्रबंधन समिति की बैठक बुलाई।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में आपदा प्रबंधन समिति एवं सिटी हीट वेव एक्शन प्लान (CHAP) की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि आपदा प्राकृतिक या मानवकृत कारणों से उत्पन्न ऐसी गंभीर घटना है, जो जीवन, संपत्ति और आजीविका को व्यापक नुकसान पहुंचाती है, और समुदाय इसे अपने सीमित संसाधनों से संभाल नहीं पाता।
सेक्टर 150 की घटना के संदर्भ में जिलाधिकारी ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। तीनों विकास प्राधिकरणों (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे) से वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस विभाग, मुख्य चिकित्साधिकारी और मुख्य अग्निशमन अधिकारी की अनुपस्थिति पर कड़े निर्देश दिए गए। अनुपस्थित अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि पिछली बैठक के निर्देशों की अनुपालन रिपोर्ट लिखित रूप में आज रात तक अनिवार्य रूप से जमा करें, अन्यथा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए कि आगामी बैठकों में विभागाध्यक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित हो।
शीतलहर के मद्देनजर जिलाधिकारी ने कहा कि गौतमबुद्धनगर एक औद्योगिक जनपद है, जहां बड़ी संख्या में बाहरी मजदूर कार्यरत हैं। ऐसे में रैन बसेरों, अलाव, स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, प्रकाश और उचित तापमान की व्यवस्था जरूरी है। नगर निकायों, विकास प्राधिकरणों, ग्राम विकास विभाग और पुलिस को संयुक्त रात्रि भ्रमण टीमें गठित कर खुले में सो रहे लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए गए।
रोड सेफ्टी पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने सड़कों के गड्ढों की मरम्मत, डिवाइडर सुधार, रोड मार्किंग, जेब्रा क्रासिंग, गतिरोधक, रेडियम रिफ्लेक्टर और प्रकाश व्यवस्था की तत्काल मरम्मत का आदेश दिया। दुर्घटना संभावित स्थलों (हॉट स्पॉट और ब्लैक स्पॉट) पर सुरक्षात्मक उपाय पूर्ण करने को कहा। नवंबर से लंबित 152 हॉट स्पॉट और 35 ब्लैक स्पॉट की रिपोर्ट न आने पर अंतिम अवसर दिया गया। सभी वाहनों पर चेतावनी रेडियम स्टीकर लगाने और जन जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया।
सेक्टर 150 हादसे जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए सभी बहुमंजिला इमारतों और बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा जांच कराने के निर्देश दोहराए गए। मानकों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। दिसंबर-जनवरी के निरीक्षण रिपोर्ट न आने पर नाराजगी व्यक्त की गई।अन्य प्रमुख निर्देश:

  • प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाना, निराश्रितों को कंबल वितरण, रैन बसेरों में 24 घंटे सुविधाएं, नोडल अधिकारी नामित करना और आपदा प्रहरी ऐप पर दैनिक अपडेट।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निकांड रोकथाम के लिए अग्निशमन विभाग की 24 घंटे सतर्कता, ग्राम स्तर पर जागरूकता बैठकें।
  • गौशालाओं में पशुओं के लिए अलाव, चारा, दवाइयां और टीकाकरण की व्यवस्था।
  • विद्यालयों में ठंड/लू से बचाव, यातायात नियम और स्वास्थ्य सावधानियों पर विशेष कार्यक्रम।
  • घने कोहरे/शीतलहर में दुर्घटनाओं के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में 24 घंटे चिकित्सक, दवाइयां, बेड, एंबुलेंस और रैपिड रिस्पांस टीम सक्रिय रखना।

सिटी हीट वेव एक्शन प्लान के तहत 20 मार्च 2026 तक प्रभावी प्लान तैयार कर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसमें विषय विशेषज्ञों का चयन, अल्प/मध्य/दीर्घकालिक कार्ययोजना, ग्रीन एरिया वृद्धि, मियावाकी जंगल, जलाशय पुनर्जीवन, कूलिंग शेल्टर और रिस्पॉन्स मैट्रिक्स शामिल होंगे।सभी विभागों को संबंधित बिंदुओं पर कार्यवाही का फोटोग्राफ सहित विस्तृत विवरण 02 दिनों के भीतर ईमेल ddmagbn@gmail.com पर भेजने के सख्त निर्देश दिए गए।बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, डिप्टी कलेक्टर चारुल यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।यह बैठक सेक्टर 150 की घटना के बाद प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया का प्रमाण है, जिसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकना और आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाना है।

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