ब्रेकिंग न्यूज: नोएडा श्रमिक हिंसा मामले में प्रमुख साजिशकर्ता आदित्य आनंद उर्फ रस्टी तमिलनाडु से गिरफ्तार

-कैंपस सलेक्शन से मिली थी नौकरी

लखनऊ/नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) को नोएडा में 13 अप्रैल 2026 को श्रमिक आंदोलन की आड़ में हुई हिंसा, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाने की घटना के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक आदित्य आनंद उर्फ रस्टी की गिरफ्तारी में बड़ी सफलता मिली है। अभियुक्त को 18 अप्रैल 2026 को दोपहर 1:40 बजे तमिलनाडु के त्रिचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। वह घटना के बाद फरार होकर चेन्नई होते हुए त्रिचिरापल्ली पहुंचा था। STF की टीम ने गौतमबुद्धनगर पुलिस के साथ समन्वय कर उसे पकड़ा।

कौन है आदित्य आनंद उर्फ रस्टी?

उम्र: लगभग 28 वर्ष
शिक्षा: आरआर इंटर कॉलेज, कस्बा देसरी, वैशाली (बिहार) से 12वीं पास। NIT जमशेदपुर से B.Tech (2020 में पास आउट)।
करियर: कैम्पस प्लेसमेंट के जरिए Jenpact कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में नोएडा में जॉब की। 2022 में गुरुग्राम शिफ्ट हुआ। जून 2025 में अरुण विहार, सेक्टर-37, नोएडा में रहने लगा।
निवास: मूल रूप से छोटी मढ़ैया, पोस्ट हाजीपुर, थाना हाजीपुर, जिला हाजीपुर (बिहार)। हाल का पता: मकान नंबर 1005, सरस्वती विहार, सेक्टर-28, गुरुग्राम, हरियाणा।

फेसबुक पेज से जुड़ा संगठन से

आदित्य आनंद 2022 में मजदूर बिगुल के फेसबुक पेज के जरिए संगठन के संपर्क में आया। इसके संपादक अनुभव सिन्हा हैं। मजदूर बिगुल की रिपोर्टिंग में शामिल होने के दौरान उसकी मुलाकात रूपेश राय से हुई, जो 2023 में भगत सिंह जन अधिकार यात्रा के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे वह मजदूर बिगुल के सीनियर लीडर्स और कार्यकर्ताओं के करीब पहुंच गया। यह संगठन दिशा स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन, आरडब्ल्यूपीआई (भारतीय क्रांतिकारी मजदूर पार्टी), नौजवान भारत सभा (NBS) और एकता संघर्ष समिति गौतमबुद्धनगर से भी जुड़ा हुआ था।

पुलिस के अनुसार, 30 मार्च से 1 अप्रैल 2026 के बीच अरुण विहार, सेक्टर-37, नोएडा में इन संगठनों के सदस्यों की बैठक हुई, जिसमें श्रमिक आंदोलन की आड़ में हिंसा, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई गई। आदित्य आनंद को इस साजिश का प्रमुख साजिशकर्ता माना जा रहा है। 13 अप्रैल 2026 को नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई। भीड़ ने पथराव किया, वाहनों में आग लगाई और संपत्ति को भारी क्षति पहुंचाई। पुलिस जांच में यह सामने आया कि यह सुनियोजित साजिश थी।

घटना के बाद STF फील्ड यूनिट, गौतमबुद्धनगर को जांच सौंपी गई।
अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा के पर्यवेक्षण और पुलिस उपाधीक्षक नवेंदु कुमार के नेतृत्व में उप निरीक्षक अक्षय पी.के. त्यागी की टीम ने गुप्त सूचना संकलन शुरू किया।
जांच में आदित्य आनंद की भूमिका उजागर हुई। 16 अप्रैल 2026 को ACJM तृतीय, गौतमबुद्धनगर की अदालत ने उसके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) जारी किया।
फरार होने के लिए वह चेन्नई पहुंचा और फिर त्रिचिरापल्ली जा रहा था।
STF नोएडा टीम ने गौतमबुद्धनगर केस के विवेचक के साथ मिलकर त्रिचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आदित्य ने अपनी पृष्ठभूमि और संगठनों से जुड़ाव की जानकारी दी।

कानूनी कार्रवाई

अभियुक्त को त्रिचिरापल्ली की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया जा रहा है। इसके बाद उसे थाना फेस-2, गौतमबुद्धनगर के मुकदमा संख्या 163/2026 में पेश किया जाएगा।
धारा: 191(1), 191(2), 115(2), 121(1), 121(2), 125(1), 351(3), 352, 61(2) BNS तथा 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट।नोट: इससे पहले पुलिस रूपेश राय और मनीषा चौहान समेत कई अन्य लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले की जांच जारी है और सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वाले तत्वों की भी जांच हो रही है।

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