– नोएडा का वो आश्रम जहाँ सड़क से उठकर 112 जिंदगियाँ घर बन गईं
नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
चार साल पहले मई 2022 में जब ज्यादातर लोग सिर्फ बातें करते थे, तब एक व्यक्ति ने ठोस कदम उठाया। डॉ. बी. एम. भारद्वाज – एक ऐसे नायक जिन्होंने देश के लाखों बुजुर्गों (महिला और पुरुष) के जीवन को बेहतर बनाने की ठान ली। उन्होंने नोएडा में अपना घर महिला आश्रम की नींव रखी और महज एक छोटे से शुरूआत के साथ 112 बुरी हालत में सड़क पर पड़े प्रभुजियों को एक छत, सम्मान और परिवार का प्यार देने की यात्रा शुरू की।
आज वही आश्रम 315 प्रभुजियों की क्षमता वाला बड़ा केंद्र बन चुका है, जहाँ फिलहाल 306 प्रभुजी पूरे सम्मान के साथ विराजमान हैं। और सबसे गर्व की बात – इन चार वर्षों में 280 प्रभुजी सफलतापूर्वक अपने परिवारों के पास या अपने घर पुनर्वासित हो चुके हैं।
डॉ. बी. एम. भारद्वाज: सेवा का जीता-जागता उदाहरण
डॉ. बी. एम. भारद्वाज सिर्फ एक संस्थापक नहीं, बल्कि उन अनगिनत बुजुर्गों के लिए एक सच्चे संरक्षक और नायक हैं। उन्होंने देखा कि समाज में कितने बुजुर्ग अकेले, बीमार और बिना सम्मान के सड़कों पर छोड़ दिए जाते हैं। इस पीड़ा को उन्होंने अपने दिल में उतारा और “अपना घर” को जन्म दिया। उनकी दूरदर्शिता और अथक मेहनत की वजह से आज सैकड़ों प्रभुजी न सिर्फ सुरक्षित हैं, बल्कि उन्हें चिकित्सा सुविधा, पौष्टिक भोजन, योग-भजन और सबसे महत्वपूर्ण – परिवार जैसा स्नेह मिल रहा है।
डॉ. भारद्वाज का मानना है कि बुजुर्ग सिर्फ “आश्रित” नहीं होते, वे अनुभव के खजाने होते हैं जिन्हें समाज को संभालना चाहिए।उनके नेतृत्व में आश्रम ने न केवल प्रभुजियों को आश्रय दिया, बल्कि उन्हें उनकी खोई हुई गरिमा भी लौटाई। हर प्रभुजी को नाम से पुकारा जाता है, उनकी कहानियाँ सुनी जाती हैं और उनकी जिंदगी को फिर से अर्थपूर्ण बनाने की कोशिश की जाती है।
चौथा स्थापना दिवस – 3 मई 20263 मई 2026 को अपना घर महिला आश्रम अपना चौथा स्थापना दिवस बड़े उत्साह से मना रहा है। इस खास अवसर पर प्रभुजियों द्वारा तैयार एक बेहद भावुक और अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है –“प्रभुजी की कहानी, प्रभुजी की जुबानी”इस कार्यक्रम में आश्रम के प्रभुजी खुद अपनी जीवन-कथाएँ साझा करेंगे – कुछ कहानियाँ हँसाएँगी, कुछ आँखें नम कर देंगी और कुछ समाज को सोचने पर मजबूर कर देंगी। ये वो सच्ची कहानियाँ हैं जो सड़कों पर दब गई थीं, लेकिन डॉ. बी. एम. भारद्वाज और उनकी टीम की वजह से आज फिर से जीवित हो रही हैं।
आयोजक सबको सादर आमंत्रित कर रहे हैं और खास तौर पर डॉ. बी. एम. भारद्वाज से मिलने का अवसर भी दे रहे हैं। “अकेले मत आइए। अपने परिजनों, बच्चों, मित्रों और रिश्तेदारों को साथ लेकर आइए। डॉ. बी. एम. भारद्वाज से मिलिए, प्रभुजियों की कहानियाँ सुनिए और सेवा का असली अनुभव कीजिए। एक दिन का यह अनुभव आपकी सोच और जिंदगी बदल सकता है।”
नोएडा में एक अपना घर ऐसा…नोएडा में कई आश्रम हैं, लेकिन अपना घर बिल्कुल अलग है।
यहाँ सिर्फ छत और खाना नहीं, बल्कि घर और इज्जत दी जाती है।
डॉ. बी. एम. भारद्वाज की दूरदृष्टि से शुरू हुई यह मुहिम आज सैकड़ों परिवारों को फिर से जोड़ रही है।112 से शुरू होकर 306 तक का सफर, 280 पुनर्वासित प्रभुजी और एक अटूट संकल्प – यह सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि इंसानी संवेदना और सेवा की जीत की मिसाल हैं।आप भी इस पवित्र सफर का हिस्सा बनिए।
तारीख: रविवार, 3 मई 2026
स्थान: अपना घर महिला आश्रम, सेक्टर 34 नोएडा
मुख्य आकर्षण: “प्रभुजी की कहानी, प्रभुजी की जुबानी” + स्थापना दिवस समारोह + डॉ. बी. एम. भारद्वाज से मुलाकात
जो भी सेवा भाव रखता है, एक बार जरूर आए।
क्योंकि डॉ. बी. एम. भारद्वाज की तरह जब कुछ लोग बुजुर्गों के लिए घर बनाते हैं, तो पूरा समाज थोड़ा बेहतर हो जाता है।
