यूपी में वर्टिकल व्यवस्था और शीर्ष प्रबंधन की मनमानी से प्रदेश की बिजली व्यवस्था ध्वस्त — जनता त्राहि-त्राहि कर रही है-शैलेन्द्र दुबे

लखनऊ, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन में लागू की गई तथाकथित वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग व्यवस्था और अनुभवी संविदा कर्मियों की छटनी ने पूरे प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है।
शैलेन्द्र दुबे ने कहा, “बिजली व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता के नाम पर लागू की गई यह व्यवस्था आज उपभोक्ताओं, बिजली कर्मियों और विभागीय कार्यप्रणाली के लिए गंभीर संकट बन चुकी है। पहले जेई या एसडीओ सीधे जिम्मेदार होते थे और शिकायतों का त्वरित समाधान मिलता था, लेकिन अब कार्यों को अलग-अलग विंगों में बाँट देने से जवाबदेही समाप्त हो गई है। उपभोक्ता यह तक नहीं समझ पा रहा कि उसकी समस्या का असली जिम्मेदार कौन है।”
संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने आगे कहा कि नई व्यवस्था में शिकायत निस्तारण को पूरी तरह 1912 और ऑनलाइन पोर्टल पर निर्भर कर दिया गया है। शिकायतें दर्ज तो हो रही हैं, लेकिन उनका समय पर समाधान नहीं हो रहा। आम जनता घंटों बिजली कटौती, गलत बिलिंग और तकनीकी समस्याओं से परेशान है। उन्होंने कहा, “ग्राउंड लेवल पर समन्वय पूरी तरह खत्म हो चुका है। बिलिंग टीम, मीटर टीम और लाइन स्टाफ अलग-अलग होने से छोटे-से कार्य के लिए उपभोक्ताओं को कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ‘Faceless System’ के नाम पर ऐसी व्यवस्था बना दी गई है जिसमें जनता को पता ही नहीं चल रहा कि जिम्मेदार अधिकारी कौन है।”
शैलेन्द्र दुबे ने आरोप लगाया कि नए विद्युत संयोजन समय पर नहीं मिल रहे, मीटर रीडिंग में भारी देरी हो रही है, हजारों बिल जनरेट नहीं हो पा रहे और स्मार्ट प्रीपेड मीटरों में तकनीकी खामियां, बैलेंस मिसमैच तथा गलत बिलिंग ने स्थिति को भयावह बना दिया है। आंदोलन की चेतावनी
संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने स्पष्ट चेतावनी दी, “शीर्ष प्रबंधन जमीनी सच्चाइयों से पूरी तरह कटा हुआ है और तुगलकी निर्णय थोप रहा है। यदि वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग की इस विफल व्यवस्था को तत्काल वापस नहीं लिया गया, बिजली कर्मियों के साथ उत्पीड़न बंद नहीं किया गया और अभियंताओं को विश्वास में लेकर व्यावहारिक व्यवस्था नहीं अपनाई गई, तो पूरे प्रदेश के बिजली कर्मी सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।”
जन जागरण अभियान के तहत आज मिर्जापुर और प्रयागराज में हुई सभाओं को संबोधित करते हुए भी शैलेन्द्र दुबे समेत संघर्ष समिति के अन्य केंद्रीय पदाधिकारियों ने यही आक्रोश व्यक्त किया। संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने प्रदेश सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि अन्यथा स्थिति विस्फोटक हो जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की होगी।

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