ग्रेटर नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 93वीं बोर्ड बैठक सोमवार को अध्यक्ष आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सीईओ आर.के. सिंह सदस्य सचिव के रूप में मौजूद रहे। बोर्ड ने रखरखाव, निवेश, लॉजिस्टिक्स और किसानों से जुड़े अहम फैसले लिए।
मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- आमदनी बढ़ी: 14 सितंबर 2026 तक वित्त वर्ष 2026-27 में यीडा की प्राप्तियां 4,222.37 करोड़ रुपये रहीं। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह राशि 1,495.43 करोड़ रुपये थी, यानी 182 प्रतिशत से अधिक वृद्धि। औद्योगिक और मिक्स लैंड योजना से 2,420.7 करोड़ रुपये आए।
- व्यय भी बढ़ा: इसी अवधि में कुल व्यय 5,501.71 करोड़ रुपये रहा। इसमें भूमि अधिग्रहण और बैंक ऋण चुकाने पर 4,344.34 करोड़ रुपये खर्च हुए।
- कॉरपस फंड: सड़क, पानी, सीवर, स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य सुविधाओं के लंबे रखरखाव के लिए एसेट कॉरपस फंड इन्वेस्टमेंट रेगुलेशन 2026-27 तैयार किया गया। वन टाइम लीज रेंट जैसी आय अलग फंड में रखकर निवेश की जाएगी। ब्याज से मरम्मत का काम चलेगा।
- लॉजिस्टिक्स पार्क: महायोजना-2041 के तहत मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क बनाने और पात्र निवेशकों को ई-ऑक्शन से भूखंड देने की प्रक्रिया मंजूर हुई।
- इंडस्ट्रियल नोड: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दक्षिण में करीब 8,000 हेक्टेयर में इंडस्ट्रियल नोड बनाने की तैयारी चल रही है।
- ट्रेड सिटी: यीडा क्षेत्र में इंटरनेशनल ट्रेड सिटी का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया, ताकि स्थानीय उत्पादों की बिक्री और निर्यात बढ़े।
- आगरा महायोजना: आगरा अर्बन सेंटर की संशोधित महायोजना-2041 पर जनता के सुझावों का निपटान कर ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।
- औद्योगिक भूखंड: 4,000 वर्गमीटर से बड़े 295 भूखंडों में से 181 का लीज डीड हो चुका है। 152 आवंटियों को कब्जा मिला, 69 पर निर्माण शुरू हुआ और 13 इकाइयों में उत्पादन शुरू हो गया।
- विशेष पार्क: मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल पार्क, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क और टॉय पार्क में आवंटन, कब्जा और निर्माण की नियमित समीक्षा हो रही है।
- कचरा प्रबंधन: वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की डीपीआर तैयार की गई। यीडा वेस्ट मैनेजमेंट बाय-लॉज 2026 का ड्राफ्ट अधिसूचना के लिए प्रस्तावित है।
- किसानों को लाभ: भूमि अधिग्रहण से प्रभावित 10,069 किसानों को आरक्षण पत्र जारी हो चुके हैं। 4,978 भूखंड विभिन्न सेक्टरों में नियोजित किए गए। अब तक करीब 3,142 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया जा चुका है।
- नई भूमि खरीद दरें: आपसी सहमति से भूमि खरीद की नई दरें लागू की गईं। जो किसान पहले सहमति दे चुके थे, लेकिन 20 अगस्त 2026 तक बैनामा नहीं करा सके, उनके मामले अब नई दरों पर पूरे किए जाएंगे।
