नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) ने नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। संगठन का कहना है कि जनहित के मुद्दों पर कार्यकारिणी के साथ बैठक छह महीने से अधिक समय से नहीं हो पा रही है और 9 अक्टूबर 2025 की बैठक में लिए गए निर्णय भी अब तक अधर में हैं।
फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश से तत्काल बैठक की मांग की है। पदाधिकारियों के अनुसार, बैठक के लिए कई बार व्यक्तिगत निवेदन किया गया। सीईओ के निर्देश पर 13 जुलाई 2026 को विस्तृत एजेंडा और ज्ञापन भी सौंपा गया, लेकिन तिथि तय नहीं हुई।
अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने कहा कि यह खेदजनक है। फोनरवा के मुद्दे किसी एक संस्था के नहीं, नोएडा के लाखों निवासियों के जनहित से जुड़े हैं। ज्ञापन में नागरिक सुविधाएँ, लंबित समस्याएँ, पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी की शिकायतों पर अंकुश के सुझाव शामिल हैं। ऐसे विषयों पर प्राधिकरण और नागरिक प्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद जरूरी है।
महासचिव के.के. जैन ने कहा कि 23 जुलाई 2026 को सीईओ ने सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन के बिंदुओं पर नियमानुसार कार्रवाई कर आख्या देने के निर्देश दिए थे, ताकि फोनरवा के साथ बैठक हो सके। इतने समय बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर 2025 की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णयों पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन जरूरी है, तभी नागरिकों की समस्याएँ हल होंगी।फोनरवा ने सीईओ से माँग की है कि कार्यकारिणी के साथ शीघ्र बैठक की तिथि तय हो, 13 जुलाई 2026 के ज्ञापन के हर बिंदु पर विभागों की कार्रवाई आख्या दी जाए, 9 अक्टूबर 2025 के लंबित निर्णयों पर तत्काल कार्रवाई हो, कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो तथा भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई हो।
के.के. जैन ने कहा कि फोनरवा प्राधिकरण के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संवाद के पक्ष में है। उम्मीद है कि सीईओ विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र बैठक बुलाएँगे और लंबित जनहित मामलों पर ठोस कार्रवाई करेंगे।
