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खास खबर :”फुले” फ़िल्म पर रोक, दलित समाज का अपमान, भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर-संजय सिंह, राज्यसभा सांसद

-“फुले‘ फ़िल्म पर लगी रोक के विरोध में 21 अप्रैल को आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के हर जिले में करेगी प्रदर्शन

नोएडा, 16 अप्रैल।

राज्यसभा सांसद व यूपी प्रभारी संजय सिंह ने गौतमबुद्धनगर में आम आदमी पार्टी द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि सावित्रीबाई फुले और ज्योति फूले के जीवन पर आधारित बहुचर्चित फिल्म ‘फूले’ को सेंसर बोर्ड द्वारा 16 कट्स लगाने के बाद 11 अप्रैल को रिलीज़ होने से रोक दिया गया, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। अब यह फिल्म 25 अप्रैल को रिलीज़ होगी। यह निर्णय उन महान समाज सुधारकों की विरासत और संघर्ष को दबाने की कोशिश है, जिन्होंने देश में समानता और शिक्षा की लड़ाई लड़ी।

उन्होंने कहा कि यह घटना भारतीय जनता पार्टी की असल सोच को उजागर करती है। एक ओर वे संविधान, बाबा साहेब और दलित अधिकारों की बातें करते हैं, और दूसरी और जब कोई फिल्म समाज के शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाती है, तो उसे सेंसर के बहाने रोका जाता है। यह दोहरापन अब देश से छुपा नहीं है।

आप नेता संजय सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह सेंसरशिप केवल एक फिल्म पर नहीं, बल्कि पूरे दलित आंदोलन और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर हमला है। जब ‘कश्मीर फाइल्स’ और ‘केरल स्टोरी’ जैसी नफरत फैलाने वाली फिल्मों को सरकार प्रचारित करती है, तब ‘फूले’ जैसी ऐतिहासिक, संवेदनशील और प्रेरणादायक फिल्म को रोका जाना एक सोची-समझी राजनीतिक साज़िश है। खास बात यह है कि इस फिल्म के निर्देशक ब्राह्मण समुदाय से हैं और उन्होंने समाज के सभी पक्षों को निष्पक्ष रूप से दिखाया है, पीड़ा भी और सहयोग भी।

उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में कासगंज में हुए गैंगरेप की जघन्य घटना, जिसमें भाजपा का नेता शामिल है, यह साबित करती है कि योगी सरकार अपराधियों को खुली छूट दे रही है। ऐसे में वक़्फ़ बोर्ड जैसे असंवैधानिक बिल लाकर भाजपा प्रदेश का सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने का प्रयास न करें। आम आदमी पार्टी ने यह स्पष्ट किया है कि वह इस तरह की नफरत की राजनीति और संविधान विरोधी सोच का हर स्तर पर विरोध करेगी।

पार्टी के राज्यसभा सांसद ने यह घोषणा की कि 21 अप्रैल को आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के हर जिले में विरोध प्रदर्शन करेगी और इस अन्याय के खिलाफ ज़ोरदार जन आंदोलन करेगी। यह केवल एक फिल्म की नहीं, सामाजिक न्याय, इतिहास और पहचान की लड़ाई है, जिसे आम आदमी पार्टी पूरे दमखम से लड़ेगी।

हम चुप नहीं रहेंगे। यह इतिहास को मिटाने की कोशिश है, और आम आदमी पार्टी इसके खिलाफ सड़क से संसद तक लड़ेगी। प्रेस वार्ता के दौरान आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के साथ दिल्ली विधान सभा के मुख्य सचेतक दिलीप पांडे, जिलाध्यक्ष राकेश अवाना ,यूथ विंग प्रदेशाध्यक्ष पंकज अवाना, किसान प्रकोष्ठ प्रदेशाध्यक्ष अशोक कमांडो,जिला महासचिव कैलाश शर्मा,प्रवीण धीमान,विजय श्रीवास्तव,शंकर चौधरी,प्रदीप सुनैया,गौरव गौतम,जयकिशन जयसवाल,भी मौजूद रहे।

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