मेटा ने लॉन्च किए पेड सब्सक्रिप्शन प्लान: अब इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सऐप यूज करने के लिए भी लगेंगे पैसे
अलर्ट न्यूज: आंधी-तूफान और वज्रपात का खतरा ! गौतमबुद्धनगर में 29 मई को सबसे ज्यादा असर, दामिनी और सचेत ऐप डाउनलोड कर लें
स्पेशल स्टोरी: नोएडा प्राधिकरण की सुस्ती से मानसून बन सकता है खतरा: सड़कें गड्ढों से भरी, नाले अब भी गंदगी से लबालब
गौतमबुद्धनगर में आरडब्ल्यूए और ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में सोलर रूफटॉप अनिवार्य, मिलेगा 90 लाख तक अनुदान
यूपी में वर्टिकल व्यवस्था और शीर्ष प्रबंधन की मनमानी से प्रदेश की बिजली व्यवस्था ध्वस्त — जनता त्राहि-त्राहि कर रही है-शैलेन्द्र दुबे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के 36वें स्थापना दिवस पर 22 जुलाई को कृषि वैज्ञानिक सम्मान समारोह एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

लखनऊ।( नोएडा खबर डॉट कॉम)
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार), लखनऊ द्वारा अपने 36वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 22 जुलाई 2025 को भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के सभागार में पूर्वाह्न 11:00 बजे से “कृषि वैज्ञानिक सम्मान समारोह एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी” का आयोजन किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का विषय “विकसित कृषि – विकसित उत्तर प्रदेश/2047” है, जो प्रदेश में कृषि क्षेत्र के विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सत्र की अध्यक्षता कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही करेंगे। इसके अतिरिक्त, राज्यमंत्री (उद्यान) दिनेश प्रताप सिंह और राज्यमंत्री (कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान) बलदेव सिंह औलख विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इस आयोजन में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश; कृषि उत्पादन आयुक्त; प्रमुख सचिव (कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान); प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, निदेशक (शोध व प्रसार), विभिन्न कृषि व संबंधित विभागों के निदेशक, उपकार के अध्यक्ष कैप्टेन विकास गुप्ता, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के संस्थानों के निदेशक, उत्तर प्रदेश के कृषि विज्ञान केंद्रों के अध्यक्ष, एफपीओ प्रतिनिधि, और प्रदेश के प्रगतिशील किसान हिस्सा लेंगे।
राष्ट्रीय संगोष्ठी के तकनीकी सत्र में कृषि के विविध आयामों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिए जाएंगे। डॉ. ए.के. सिंह, कुलपति, आरएलबीसीएयू, झाँसी द्वारा “बुंदेलखंड में कृषि की संभावनाएँ” पर व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, और एफपीओ की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अन्य विशेषज्ञों के व्याख्यान भी आयोजित होंगे। तकनीकी सत्र की अध्यक्षता प्रमुख सचिव (कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान), उत्तर प्रदेश द्वारा की जाएगी।
डॉ. संजय सिंह, महानिदेशक, उपकार ने इस आयोजन को लेकर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, “यह संगोष्ठी उत्तर प्रदेश में सतत और नवाचारी कृषि को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करेगी, जो राज्य के विकास और किसानों की समृद्धि में योगदान देगा।”

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *