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नोएडा में शुद्ध पेयजल का संकट: CONRWA ने प्राधिकरण से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की मांग की,मुख्यमंत्री व विधायक को भी पत्र

नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
नोएडा में शुद्ध पेयजल की समस्या ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। कन्फेडरेशन ऑफ एनसीआर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (CONRWA) ने नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र लिखकर शहर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। इस पत्र की प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व नोएडा विधायक पंकज सिंह को भी भेजी गई है, ताकि इस गंभीर मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई हो सके। पत्र में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दिव्या टावर सोसाइटी का हवाला दिया गया, जहां दूषित पानी पीने से 250 से अधिक लोग, खासकर बच्चे और बुजुर्ग, बीमार पड़ चुके हैं।
CONRWA के अध्यक्ष पी एस जैन ने बताया कि नोएडा को स्थापित हुए 49 साल हो चुके हैं, लेकिन प्राधिकरण शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में विफल रहा है। गंगा जल की आपूर्ति बंद होने पर ट्यूबवेल और रेनीवेल का पानी सप्लाई किया जाता है, जो बिना ट्रीटमेंट के पीने योग्य नहीं है। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के 25 साल पुराने आदेश का जिक्र किया, जिसमें प्राधिकरण को दो साल में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का निर्देश था, लेकिन यह अब तक पूरा नहीं हुआ।
CONRWA ने सुझाव दिया कि जब प्राधिकरण नाले के पानी को शुद्ध करने के लिए छोटे सिवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा सकता है, तो रिजर्व टैंकों पर छोटे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट क्यों नहीं लगाए जा सकते? इससे ट्यूबवेल और रेनीवेल के दूषित पानी को शुद्ध कर सप्लाई किया जा सकता है, और गंगा जल में मिलाने से होने वाली बर्बादी भी रुकेगी। पत्र में कहा गया कि RO सिस्टम के इस्तेमाल से 60-70% पानी बर्बाद होता है, जिसे ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर रोका जा सकता है।
CONRWA ने आरोप लगाया कि प्राधिकरण के पास पर्याप्त धन होने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्राधिकरण अन्य योजनाओं में करोड़ों रुपये उधार देता है, लेकिन जनता के पैसे का सही इस्तेमाल शुद्ध पेयजल के लिए नहीं कर रहा। संगठन ने मांग की है कि प्राधिकरण जल्द से जल्द नीति बनाकर रिजर्व टैंकों पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए, ताकि शहर के नागरिकों को शुद्ध पेयजल मिल सके। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए CONRWA ने जनप्रतिनिधियों को भी पत्र भेजकर उनसे हस्तक्षेप की अपील की है।

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