नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेवर एयरपोर्ट) की हवाई सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए जिलाधिकारी मेधा रुपम की अध्यक्षता में मंगलवार को एयरपोर्ट इमरजेंसी प्लानिंग कमेटी (AEPC) और एयरपोर्ट पर्यावरण प्रबंधन समिति (AEMC) की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में ड्रोन और लेजर लाइट से जुड़े जोखिमों पर विशेष ध्यान दिया गया और सख्त प्रतिबंध लगाए गए। बैठक के प्रमुख फैसले:
नो-फ्लाइंग जोन में ड्रोन पर पूर्ण प्रतिबंध:
एयरपोर्ट के नो-फ्लाइंग जोन में किसी भी प्रकार के ड्रोन या यूएवी (Unmanned Aerial Vehicle) उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम हवाई यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए उठाया गया है। उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
18 किलोमीटर परिधि में लेजर लाइट संचालन पर रोक:
हवाई अड्डे की परिधि के 18 किलोमीटर दायरे में लेजर लाइट का उपयोग या संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस विभाग को इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पायलटों की आंखों पर लेजर से पड़ने वाले प्रभाव और हवाई दुर्घटना की आशंका समाप्त हो सके।
जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य, DDMA, यमुना विकास प्राधिकरण (YEIDA), DGCA और अन्य विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आपात स्थिति में समयबद्ध और एकीकृत प्रतिक्रिया के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय अनिवार्य है। उन्होंने मॉक ड्रिलों की समीक्षा के बाद जनपद स्तरीय अधिकारियों को भी आपातकालीन प्रशिक्षण देने के आदेश दिए।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश:
यमुना विकास प्राधिकरण को भवनों की ऊंचाई निर्धारित कलर कोड के अनुसार बोर्ड से अनुमोदित कराने का आदेश, ताकि हवाई सुरक्षा प्रभावित न हो।
हवाई अड्डा प्रभावित क्षेत्रों में कूड़े का समुचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश, जिससे पर्यावरणीय मानक बने रहें।
सामूहिक दुर्घटनाओं से निपटने के लिए चिकित्सा सेवाओं और एम्बुलेंस के बीच समन्वय को मजबूत करने पर जोर।
बैठक में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया, अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार और प्रियंका, एसीपी सार्थक सेंगर सहित पुलिस, CISF, NDRF, अग्निशमन और अन्य विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।ये फैसले जेवर एयरपोर्ट के सुरक्षित संचालन और आसपास के क्षेत्रों में हवाई सुरक्षा मानकों को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन ने सभी विभागों को इन प्रतिबंधों और निर्देशों पर तत्काल अमल सुनिश्चित करने को कहा है।
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