नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
नोएडा शहर के सेक्टर-12 में स्थित दवा बैंक आज एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। जहां आमतौर पर महंगे स्वास्थ्य खर्च लोगों की परेशानी बढ़ाते हैं, वहीं नोएडा लोकमंच के स्वास्थ्य प्रकोष्ठ ने एक अनूठी पहल शुरू की है — मात्र 30 रुपये में आंखों की जांच और 100 रुपये में दांत भरवाना या निकलवाना।यह सेवा मात्र एक स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि समर्पण और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण है।
इस सेवा का उद्घाटन करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं गौतमबुद्ध नगर सांसद डॉ. महेश शर्मा और भाजपा नोएडा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान ने कहा कि सच्ची सेवा वही है जो जरूरतमंद तक सस्ते से सस्ता पहुंचे। डॉ. महेश शर्मा ने याद दिलाया कि नोएडा लोकमंच पिछले तीन दशक से लगातार नोएडा के गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग के लोगों की सेवा में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि एक चैरिटेबल अस्पताल खोलना है, ताकि कोई भी व्यक्ति पैसों की कमी से इलाज से वंचित न रहे।”
नोएडा लोकमंच के महासचिव महेश सक्सेना ने भावुक होते हुए बताया, “जल्द ही हम सेक्टरों और गांवों में दो घंटे की डॉक्टरों की सेवा भी शुरू करने जा रहे हैं। यह सिर्फ शुरुआत है।”इस पूरे प्रयास के पीछे कई समर्पित व्यक्तित्व हैं। इनमे प्रभात कुमार जी, पूर्व राज्यपाल झारखंड एवं लोकमंच अध्यक्ष,डॉ. योगेंद्र नारायण, पूर्व रक्षा सचिव भारत सरकार एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जे.पी. शर्मा, पूर्व स्वास्थ्य सचिव उत्तर प्रदेश, डॉ. प्रभात कुमार, उपचेयरमैन स्वास्थ्य प्रकोष्ठ,पंकज राठी (सीईओ तिरुपति आई ट्रस्ट), डॉ. मोहिता शर्मा (चेयरमैन तिरुपति आई सेंटर),डॉ. केशव नथानी (डायरेक्टर, मैक्स हॉस्पिटल),हेमंत गोयल, कुलपति झारखंड विश्वविद्यालय के अलावा डॉ. एच.के. नाथ, इंद्रा चौधरी, लीका सक्सेना, विभा बंसल, डॉ. सी.बी. झा, राम शरण गौर, राजेश श्रीवास्तव, एडवोकेट विनीत गर्ग और लोकमंच के सभी पदाधिकारी। संचालन की बागडोर देश के जाने माने कवि विनोद पांडेय के हाथों में रही।

ये सभी लोग साबित कर रहे हैं कि जब इरादे नेक हों और सेवा का भाव सच्चा हो, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रह जाती।यह पहल हमें याद दिलाती है कि सच्ची सफलता वह नहीं है जो हम खुद के लिए कमाएं, बल्कि वह है जो हम दूसरों के लिए करें। नोएडा लोकमंच जैसे संगठन हमें प्रेरित करते हैं कि अगर हम मिलकर चलें, तो हम न सिर्फ नोएडा, बल्कि पूरे समाज को बेहतर स्वास्थ्य और खुशहाली की ओर ले जा सकते हैं।

ये सभी लोग साबित कर रहे हैं कि जब इरादे नेक हों और सेवा का भाव सच्चा हो, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रह जाती।यह पहल हमें याद दिलाती है कि सच्ची सफलता वह नहीं है जो हम खुद के लिए कमाएं, बल्कि वह है जो हम दूसरों के लिए करें। नोएडा लोकमंच जैसे संगठन हमें प्रेरित करते हैं कि अगर हम मिलकर चलें, तो हम न सिर्फ नोएडा, बल्कि पूरे समाज को बेहतर स्वास्थ्य और खुशहाली की ओर ले जा सकते हैं।
