ग्रेटर नोएडा: बच्ची को गोद देने के नाम पर 2.60 लाख रुपये मांगने वाले निजी अस्पताल की मालिक व दो कर्मचारी गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
बिसरख थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में समय से पहले जन्मी पांच दिन की नवजात बच्ची को गोद देने के बहाने 2 लाख 60 हजार रुपये का सौदा करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में अस्पताल की मालिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बच्ची को सुरक्षित बरामद कर बाल कल्याण समिति के आदेश पर शेल्टर होम में रखवाया गया है।
चाइल्ड हेल्पलाइन से मिली सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई
शनिवार को चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) के माध्यम से थाना ए0एच0टी0 को सूचना मिली कि बिसरख क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी बच्ची को गोद देने के नाम पर पैसे मांग रहा है। सूचना मिलते ही थाना ए0एच0टी0 और बिसरख पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस टीम ने पीड़िता से संपर्क साधा और बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। बाल कल्याण समिति (CWC) के निर्देश पर बच्ची को साईं कृपा शेल्टर होम में सुरक्षित रखवाया गया है।
गिरफ्तार हुए आरोपी
पुलिस ने थाना बिसरख पर मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें
यशिका गर्ग उम्र करीब 33 वर्ष – अस्पताल की मालिक, रोहताश नगर, शाहदरा, दिल्ली  की रहने वाली है वर्तमान में पतवाड़ी, थाना बिसरख, गौतम बुद्ध नगर में रहती है। गजेन्द्र सिंह (पुत्र दरिया प्रसाद), उम्र करीब 35 वर्ष अस्पताल में सफाई कर्मी है और ग्राम माचड़, थाना जहाँगीरपुर, बुलंदशहर का निवासी है। इसके अलावा रंजीत सिंह (पुत्र नत्थू), उम्र करीब 24 वर्ष, इसी अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर टैक्नीशियन के रूप में कार्य करता है। वह ग्राम डिबाई खुर्द, थाना डिबाई, बुलंदशहर का रहने वाला है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई बच्ची के हितों की रक्षा और अवैध गोद लेने की प्रक्रियाओं पर लगाम कसने के लिए की गई। जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कानूनी गोद लेने की प्रक्रिया
यह घटना गोद लेने की प्रक्रिया में सतर्कता बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। कानूनी तौर पर बच्चे को गोद लेना केवल CARA (Central Adoption Resource Authority) के तहत पंजीकृत अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से ही संभव है। इसमें कोई आर्थिक लेन-देन नहीं होता और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं कानूनी होती है।
ऐसे संदिग्ध मामलों में तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करना चाहिए। ग्रेटर नोएडा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से मासूम बच्चियों के शोषण को रोकने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

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