नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
फोनरवा ने नोएडा प्राधिकरण से शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।फोनरवा के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की अपील की।
योगेन्द्र शर्मा ने कहा कि नोएडा की विभिन्न आरडब्ल्यूए सीमित संसाधनों के साथ केवल निवासियों के हितों की रक्षा करती हैं। उनके पास आवारा कुत्तों को पकड़ने, हटाने, नसबंदी कराने या एंटी-रेबीज टीकाकरण कराने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। यह पूरी जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण और संबंधित सरकारी एजेंसियों की है।उन्होंने हाल ही में एक आवासीय सोसायटी की आरडब्ल्यूए पर जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा आवारा कुत्तों के हमले के मामले में जुर्माना लगाए जाने की खबर पर गहरी चिंता जताई।
शर्मा ने कहा, “आरडब्ल्यूए के पास समस्या समाधान का कोई अधिकार नहीं होने के बावजूद उन्हें जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं है।” फोनरवा ने नोएडा प्राधिकरण, फोनरवा और सभी आरडब्ल्यूए की संयुक्त बैठक बुलाकर स्थायी और व्यावहारिक समाधान तैयार करने की मांग की है।
फोनरवा के महासचिव के.के. जैन ने कहा कि पिछले कई वर्षों से फोनरवा और आरडब्ल्यूए लगातार नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या, बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों पर हो रहे हमलों तथा प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है।जैन ने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित विभाग अपनी वैधानिक जिम्मेदारियों का पालन नहीं करते और किसी दुर्घटना की स्थिति बनती है, तो आरडब्ल्यूए को उत्तरदायी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
उन्होंने नोएडा प्राधिकरण से मांग की कि पूरे शहर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए,
नसबंदी एवं एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान युद्धस्तर पर संचालित किया जाए, आक्रामक एवं बीमार कुत्तों को तुरंत पकड़कर डॉग शेल्टर में भेजा जाए।
फोनरवा ने जोर देकर कहा कि नोएडा के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नोएडा प्राधिकरण का वैधानिक दायित्व है।
फोनरवा और सभीआरडब्ल्यूए प्रशासन के साथ पूर्ण सहयोग के लिए तैयार हैं, लेकिन जिन कार्यों का उन्हें कानूनी अधिकार नहीं है, उनके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
