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खास खबर: नोएडा प्राधिकरण के सीईओ के फैसले पर जनता ने उठाए सवाल, जन स्वास्थ्य विभाग बहाल करने की जोरदार मांग

खास खबर: नोएडा प्राधिकरण के सीईओ के फैसले पर जनता ने उठाए सवाल, जन स्वास्थ्य विभाग बहाल करने की जोरदार मांग

नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) करुणेश कृष्णा के उस फैसले पर शहरवासियों में भारी नाराजगी फैल गई है, जिसमें जन स्वास्थ्य विभाग को समाप्त कर उसकी जिम्मेदारियां वर्क सर्किलों को सौंप दी गई थीं।

जनता अब सवाल पूछ रही है कि आखिर क्यों खत्म किया गया यह विभाग? वर्क सर्किल से शहर की सफाई व्यवस्था संभल नहीं पा रही है। हर सेक्टर से जन स्वास्थ्य विभाग को दोबारा बहाल करने की मांग उठने लगी है।

फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (फोनरवा) के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा और महासचिव के.के. जैन ने प्राधिकरण के सीईओ को पत्र लिखकर स्वतंत्र जन स्वास्थ्य विभाग को पुनः स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 में विभाग समाप्त कर सफाई और अन्य जिम्मेदारियां वर्क सर्किलों में बांटने के बाद से व्यवस्था ढीली पड़ गई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखने लगे हैं और शहर की स्वच्छता प्रभावित हो रही है।

सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। निवासी पूछ रहे हैं कि जब पहले जन स्वास्थ्य विभाग के अधीन नोएडा स्वच्छ सर्वेक्षण में देश का सबसे स्वच्छ शहर चुना गया था, तो अब इसे क्यों समाप्त किया गया। हर सेक्टर से बहाली की मांग तेज हो रही है।

सेक्टर-100 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष पवन यादव और सेक्टर-105 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दीपक शर्मा ने भी इस मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वर्क सर्किल की व्यवस्था से सफाई का काम प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है। शहरवासियों की स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं का समाधान तभी संभव है जब स्वतंत्र जन स्वास्थ्य विभाग दोबारा बहाल हो।

फोनरवा और विभिन्न आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण को जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द जन स्वास्थ्य विभाग को पूर्ववत बहाल करना चाहिए, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। जनता इस बात से हैरान है कि जिस विभाग ने स्वच्छता के मामले में नोएडा को टॉप 10 शहरों में जगह दिलाई, उसे क्यों खत्म कर दिया ?

 

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