नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) नन्द कुमार ने बताया कि एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में दिल्ली-एनसीआर में जीवनकाल पूरा कर चुके प्रदूषणकारी वाहनों पर सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है।
एनसीआर में 10 साल से अधिक पुराने डीजल तथा 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों का संचालन प्रतिबंधित है। सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर 2025 के आदेश में स्पष्ट किया कि आयु-आधारित छूट केवल बीएस-IV और उससे उच्च मानक वाले वाहनों पर लागू होगी। बीएस-III या उससे पुराने मानक वाले वाहन, यदि निर्धारित आयु पार कर चुके हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
सीएक्यूएम के निर्देशों के अनुसार ऐसे वाहनों की पहचान होते ही जब्ती और आरवीएसएफ नियमों के अनुरूप निस्तारण अनिवार्य है। ये वाहन सार्वजनिक स्थान या साझा पार्किंग में खड़े पाए जाने पर भी जब्त किए जा सकते हैं। एनसीआर के बाहर पंजीकृत लेकिन आयु सीमा पार कर चुके वाहन पकड़े जाने पर 5,000 रुपये का चालान लगेगा।
जिन श्रृंखलाओं के वाहनों का विपंजीकरण किया गया है, उनमें शामिल हैं—10 साल पुराने डीजल वाहन:
UP16, UP16A से UP16E, F से Z, AA से AZ, UP16BA से BF, BH तथा AT, BT, CT, DT आदि।15 साल पुराने पेट्रोल वाहन:
UP16, UP16A से UP16E, F, H से Z, तथा UP16AA से AF और AT।ऐसे दिल्ली-एनसीआर पंजीकृत वाहनों को वाहन पोर्टल पर सूचीबद्ध अधिकृत आरवीएसएफ केंद्र पर वैज्ञानिक तरीके से स्क्रैप कराना अनिवार्य है। इन वाहनों के अन्य जनपदों में स्वामित्व अंतरण के लिए एनओसी जारी नहीं होगी।स्क्रैप पर दो अलग नियमअगर मालिक स्वयं अधिकृत केंद्र पर वाहन जमा करता है, तो बाजार दर के अनुसार मूल्य मिलेगा। साथ ही जमा प्रमाण-पत्र (सीओडी) जारी होगा, जिससे नए वाहन पर पंजीकरण शुल्क में छूट और निजी वाहन पर मोटर वाहन कर में 15 प्रतिशत तथा वाणिज्यिक वाहन पर 8 वर्ष तक 10 प्रतिशत की छूट मिल सकती है।यदि वाहन अभियान के दौरान जब्त होकर आरवीएसएफ को सौंपा जाता है, तो सीओडी पर कोई प्रोत्साहन नहीं मिलेगा और वह इलेक्ट्रॉनिक रूप से व्यापार योग्य भी नहीं होगा। मालिक को केवल न्यूनतम आरक्षित मूल्य मिलेगा। इसमें कर्ब वेट का 65 प्रतिशत लौह स्क्रैप माना जाएगा और उसका 90 प्रतिशत मूल्य दिया जाएगा। टोइंग और पार्किंग शुल्क भी काटे जाएंगे।
परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय रहते अधिकृत केंद्रों पर जाकर वाहन स्क्रैप कराएं, ताकि जब्ती की स्थिति में होने वाले आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। यह सूचना जनहित में जारी की गई है।
