नोएडा में छिपी हुई आवाज़ों का जागरण: “जो आए वो गाए” की मोटिवेशनल यात्रा

विनोद शर्मा

नोएडा (नोएडा खबर डॉट कॉम)

नोएडा की सड़कों पर, जहां लाखों लोग अपनी रोज़मर्रा की भागदौड़ में खोए रहते हैं, वहाँ एक छोटी-सी लेकिन शक्तिशाली आवाज़ गूंज रही है – “जो आए वो गाए”।

नवरत्न फाउंडेशन्स द्वारा संचालित यह कार्यक्रम अब अपने चौथे सीजन में प्रवेश कर चुका है, और हर एपिसोड के साथ यह साबित कर रहा है कि सपने कितने भी छोटे क्यों न हों, अगर उनमें जान है, तो उड़ान भरना तय है। सोमवार को क्लब 27, नोएडा में आयोजित एपिसोड-4 में वही जादू फिर से हुआ। दिल्ली-एनसीआर और दूर-दराज के इलाकों से आए प्रतिभागी, जिनमें से कई पहली बार स्टेज पर खड़े हो रहे थे, अपनी आवाज़ से सबको मंत्रमुग्ध कर गए। कुल 22 गायकों को मौका मिला, लेकिन देर से पहुंचने वाले भी अंत तक बैठे रहे – क्योंकि यह मंच सिर्फ गाने का नहीं, बल्कि खुद को निखारने और आगे बढ़ने का था।

कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. अशोक श्रीवास्तव के कुशल संयोजन में यह एपिसोड जोशीले प्रदर्शनों से भरा रहा। स्तर इतना ऊंचा हो गया है कि अब प्रतिभागी पूरी तैयारी के साथ आते हैं – एक से बढ़कर एक गीत, एक से बढ़कर एक भाव। गुरुजनों – दीपक नायडू, सोमेश्वर शर्मा और पंकज माथुर – के लिए फैसला करना मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि अंतर सिर्फ कुछ अंकों का रह जाता है।

इस बार कुछ खास बदलाव भी आए। प्रदीप शर्मा (प्रसिद्ध टीवी एंकर और आकाशवाणी उद्घोषक) ने शब्दों के उच्चारण, नुक्ते-मक्ते और भाव की गहराई पर टिप्स दिए। पुरुषोत्तम भट्ट (रंगमंच के दिग्गज कलाकार) ने बॉडी लैंग्वेज, चेहरे की आभा और आत्मविश्वास को कैसे स्टेज पर उतारा जाए, यह सिखाया।
ग्रुप कैप्टेन जी.सी. मेहरा (फाइटर पायलट) ने भी अपनी प्रेरणादायक बातों से गीत प्रस्तुति को नई ऊर्जा दी।

ये मेंटर्स सिर्फ सलाह नहीं दे रहे, बल्कि प्रतिभागियों के व्यक्तित्व को निखार रहे हैं। गाना सीखना अब सिर्फ सुरों का खेल नहीं रहा – यह आत्मविश्वास, भाव-भंगिमा और जीवन की तैयारी का सबक बन गया है।

विजेताओं की सूची ने सबको गर्व से भर दिया:सुश्री देवीशी जुनेजा,
राजीव रंजन,अशोक कुमार सहाय और अजय कुमार ये चार क्वार्टर फाइनल में पहुंचे, लेकिन खास तारीफ मिली अमन अजमेरा को – उनके शानदार प्रदर्शन पर आयोजकों ने आगामी एपिसोड में विशेष अवसर देने की घोषणा की।यह कार्यक्रम निःशुल्क है, खुला मंच है, लेकिन इससे मिलने वाली सीख अमूल्य है।

दर्शक और प्रतिभागी दोनों कहते हैं – “यहाँ सिर्फ गाया नहीं जाता, यहाँ जीवन जीना सीखा जाता है।” जो विलंब से आए, वे पछताए, लेकिन अगली बार समय से पहले पहुंचने का संकल्प ले गए। जो जीते, वे प्रेरणा बने; जो नहीं जीते, वे बेहतर बनने की राह पर चल पड़े।”जो आए वो गाए” अब सिर्फ एक सिंगिंग कॉम्पिटिशन नहीं रहा – यह एक मिशन है। यह उन अनदेखी प्रतिभाओं को आवाज़ देता है, जो घर-घर में दबी हुई हैं। यह बताता है कि अगर आपके अंदर जुनून है, तो कोई मंच आपको रोक नहीं सकता।

यह साबित करता है कि मेहनत, तैयारी और सही मार्गदर्शन से कोई भी सपना हकीकत बन सकता है।तो अगर आपके मन में भी एक गीत गूंज रहा है, तो तैयार हो जाइए। क्योंकि यह मंच आपको सिर्फ गाने का मौका नहीं देता – यह आपको उड़ान भरने के पंख देता है।
नवरत्न फाउंडेशन्स की यह पहल हमें याद दिलाती है:
“सपने देखना आसान है, लेकिन उन्हें सच करने के लिए स्टेज पर उतरना पड़ता है। और जब आप उतरते हैं, तो दुनिया सुनती है।”आगे के एपिसोड में और भी जोश, और भी प्रतिभाएं… क्योंकि जो आए, वो गाए – और गाते-गाते जीवन बदल लेगा!

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